अरविन्द कुमार/अमित कुमार:[ समस्तीपुर] जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के मुख्य द्वार पर भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य महावीर पोद्दार के नेतृत्व में, गुरूवार 24 अक्टूबर को दर्जनों की संख्या में बंजारा समुदाय के लोगों ने अपने 6 सुत्री मांगों के समर्थन में आक्रोशपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया।

इस धरना-प्रदर्शन में शामिल बंजारा समुदाय के लोग मतदाता सूची में नाम दर्ज कर भारत का नागरिकता प्रदान करने, सभी बंजारा समुदाय के लोगों का आधार कार्ड बनाने, सभी बंजारा समुदाय के लोगों को स्थायी रूप से बसाने के लिए जमीन, पक्का मकान एवं राशन कार्ड निर्गत करने, सभी बंजारा परिवार के बच्चों को विद्यालयों में नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराने, सभी बंजारा को बेहतर जिंदगी जीने की व्यवस्था करने आदि की मांग कर रहे थे।

मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला स्थायी समिति सदस्य महावीर पोद्दार ने कहा कि, प्रधानमंत्री के अमृतकाल में भी लाखों बंजारा समुदाय के लोग अपनी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में दर -दर भटक कर जीवन यापन करने को विवश हैं। आजादी के 76 बर्षों बाद भी बंजारा समुदाय के लोगों का ना तो मतदाता सूची में नाम दर्ज हुआ है, और ना ही उन्हें स्थायी रूप से बसाने का प्रयास ही किया जा रहा है।
इस दौरान माले नेता महावीर पोद्दार ने यह भी कहा कि, सभी बंजारा समुदाय के लोग इस सरकारी कुव्यवस्था के कारण नदी नाले, जंगल झारियों, तालाब के भिन्डों, सड़क व रेलवे लाईन के किनारे कष्टमय जीवन यापन करने को विवश हैं। इस दौरान उन्होंने जिला समाहर्ता से मांग करते हुए कहा कि, जब भागलपुर जिले के नवगछिया में तथा मधुबनी जिला में, सैकड़ों बंजारा समुदाय के लोगों को आधार कार्ड निर्गत किया गया, स्वीपर में नौकरी दी गई, जमीन देकर बसाया गया तो समस्तीपुर में हजारों की संख्या में भटक कर जीवन यापन कर रहे बंजारा समुदाय के लोगों को स्थायी नागरिकता प्रदान कर सभी बुनियादी सुविधाएं क्यों नही उपलब्ध कराई जा सकती है।
मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को भाकपा माले नेता गंगा प्रसाद पासवान, तनंजय प्रकाश, मोहम्मद शैयदुल जफर अंसारी, आइसा नेता रोहित कुमार, फूलपरी देवी ने संबोधित किया। वहीं अपनी मांगों के समर्थन में जयराम राठौड़, बिलैन्ती बंजारा, भल्लू बंजारा, प्रमोद बंजारा, सलिता बंजारा, पिंकी बंजारा, सिन्टू बंजारा, मंजू बंजारा, नीतीश बंजारा, भैरव बंजारा, मीना बंजारा, खुशबू बंजारा सहित अन्य बंजारा समुदाय के लोगों ने भी अपने हक व अधिकारों की पूर्ति के लिए प्रदर्शन किया।







