समस्तीपुर। जिले के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत स्थित, एक निजी शिक्षण संस्थान में सोमवार 28 जुलाई को, भाकपा माले उजियारपुर प्रखंड कमिटी के द्वारा, पार्टी के संस्थापक महासचिव चारु मजूमदार के शहादत दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया।

इस दौरान सर्वप्रथम शहीद मजूमदार के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए, भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य महावीर पोद्दार ने कहा कि, चारु मजूमदार पश्चिम बंगाल के जमींदार परिवार में जन्म लेने के बाद भी, किसानों और मजदूरों के लिए हमेशा संघर्ष करते रहे।
इस दौरान श्री पोद्दार ने यह भी कहा कि, भाकपा माले के संस्थापक महासचिव और नक्सलवाड़ी के प्रमुख नेता चारु मजूमदार ने, 1967 में हुई नक्सलवाड़ी विद्रोह में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।16 जुलाई 1972 को तत्कालीन सरकार ने इन्हें गिरफ्तार कर, पुलिस यातनाओं से इतनी ज्यादा दमनात्मक कार्रवाई की गयी, जिसकी वजह से कलकत्ता के अलिपुर जेल में 28 जुलाई 1972 को वह शहीद हो गए।
चारु मजूमदार के शहादत के बाद भारत के वामपंथी आंदोलनों में वैचारिक विभाजन हुए। उन्होंने कहा कि आज भारतीय राज्यतंत्र पर फांसीवादी कब्जे की साज़िश और इसके विरोध के संघर्ष का दौर है। आजादी और संविधान पर हमला करने वाली मोदी सरकार महिलाओं, मजदूरों, किसानों सहित सभी शोषित पीड़ितों को मिले अधिकारों को खत्म कर रही है।
प्रखंड सचिव गंगा प्रसाद पासवान ने कहा कि, संवैधानिक संस्थाओं की बनावट और इसके नियम कानूनो में बदलाव कर मोदी सरकार फासीवादी, कारपोरेट संघी ऐजेंडा को औजार में बदल दिया है। महिला नेत्री फिरोजा बेगम ने सम्बोधित करते हुए कहा कि न्याय पालिका, चुनाव आयोग, नीति आयोग से लेकर संसद तक इसका असर साफ झलक रहा है।
संकल्प सभा को इनके आलावे अर्जुन दास, पप्पू यादव, राम सगुण सिंह,मो फरमान, रोहित कुमार, हेमन्त सिंह, राहुल राय आदि ने संबोधित किया जबकि अध्यक्षता मो कमालूद्दीन ने किया।







