बिहार की आवाज संवाददाता। जिला मुख्यालय स्थित एसडीओ सदर कार्यालय के पास स्थित, डॉ भीमराव अंबेडकर स्मारक स्थल के पास जिला कांग्रेस कमिटी ने, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के आह्वान पर, तथा बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देशानुसार, “मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान” के तहत, रविवार 11 जनवरी को एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक धरना का आयोजन किया।

आयोजित इस एकदिवसीय उपवास सह धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला कांग्रेस कमिटी अध्यक्ष अबू तमीम ने किया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अबु तमीम ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि, केंद्र की भाजपा सरकार के द्वारा मनरेगा जैसी ऐतिहासिक एवं जनकल्याणकारी योजना को, लगातार कमजोर करने का षड्यंत्र किया जा रहा है।

मनरेगा योजना के नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाने की कोशिश न केवल राष्ट्रपिता का घोर अपमान है, बल्कि यह ग्रामीण भारत के गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला भी है। मनरेगा करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए रोज़गार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार है, लेकिन वर्तमान सरकार इस योजना को समाप्त करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।
समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं होना, काम के दिनों में कटौती करना, जॉब कार्ड धारकों को काम नहीं मिलना, तथा बजट में लगातार की जा रही कटौती यह साबित करती है कि, केंद्र सरकार गरीब-विरोधी और मजदूर-विरोधी नीतियों पर चल रही है। जिलाध्यक्ष अबु तमीम ने चेतावनी देते हुए कहा कि, कांग्रेस पार्टी मनरेगा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी।
जब तक केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्र के रोजगार की इस महत्वपूर्ण योजना को, उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं करती है, मजदूरों का बकाया भुगतान नहीं करती है, और पर्याप्त बजट आवंटन सुनिश्चित नहीं करती है, तब तक कांग्रेस का यह संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।
इस दौरान मौके पर जिला कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष सरोज कुमार सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंजनी मिश्र, महासचिव मुकेश कुमार चौधरी, विश्वनाथ सिंह हज़ारी, सूरज राम, रघुनंदन पासवान, ठाकुर मनोज भारद्वाज, राम विलास राय, एनएसयूआई ज़िलाध्यक्ष राजन कुमार वर्मा, नगर अध्यक्ष डोमन राय, प्रखंड अध्यक्ष शंभु प्रसाद सिंह, आशुतोष कुमार, अब्दुल मलिक, उमेश चंद्र कुंवर, समौली झा, कपिलेश्वर कुंवर, अनिल कुमार कुशवाहा, उदय केतु चौधरी, फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, मोईन रज़ा, भगवान लाल पासवान, राम बालक सिंह, आशुतोष कुमार, संजीव कुमार ठाकुर, आशुतोष कुमार भारती, अबू हैदर, सोहेल सिद्दीक़ी, मोहम्मद अरमान, अशोक कुमार, राम नरेश राय, राजीव कुमार, गौरी शंकर चौधरी, मोहम्मद इशाक, चंद्रेश्वर साहनी, श्याम सुंदर महतो, विनय प्रसाद केसरी, कारी पासवान, मोहम्मद शमीम राजा, सुमित्रा देवी, शंकर प्रसाद, विजय कुमार शर्मा, अमरजीत कुमार, भारत कुमार, विशाल कुमार रॉय, सचिन कुमार, गोलू कुमार, अमित प्रसाद केसरी, मोहम्मद ऐनुल, मोहम्मद नज़रुल, नरेश सिंह, मोहम्मद महफूज़ आलम, मोहम्मद रिज़वी, गोपाल कुमार, फुलेश्वर महतो, श्याम पूर्वे सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।







