अरविन्द कुमार/नसीब लाल झा/समस्तीपुर:[समस्तीपुर] जिला मुख्यालय स्थित आरक्षी अधीक्षक समस्तीपुर के कार्यालय तथा गोपनीय प्रशाखा द्वारा सर्वप्रथम तो आवेदन नही लेने तथा, बाद में काफी मशक्कत के बाद आवेदन लेने के बाद उसका रिसिविंग नही देने से पीड़ित परिवार काफी नाराज देखे गए, जबकि बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा यह स्पष्ट निर्देश है कि, किसी भी प्रकार के आवेदन की रिसीविंग पिड़ित परिवार को हाथों-हाथ उपलब्ध करा देना है।

इस मामले से संबंधित जानकारी मिलने के बाद भाकपा माले जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि, वह इस मामले को संबंधित सभी उचित फोरम पर उठाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि, जिलाधिकारी, अनुमंडलाधिकारी व नगर आयुक्त आदि का कार्यालय जब आवेदन लेकर हाथों-हाथ रिसिविंग देते हैं तो, एसपी कार्यालय एवं गोपनीय प्रशाखा आवेदन का रिसीविंग क्यूं नही देता है। इस दौरान उन्होंने बताया कि, पुलिस प्रताड़ना झेल रहे ताजपुर के एक पीड़ित व्यक्ति से, एसपी कार्यालय व गोपनीय प्रशाखा द्वारा आवेदन नहीं लेने की शिकायत पर, वह स्वयं उसके साथ आवेदन देने गये। जहां एसपी कार्यालय ने गोपनीय प्रशाखा में आवेदन देने की बात बताकर पल्ला झाड़ लिया। जब वह गोपनीय प्रशाखा पहुंचे तो सुरक्षा गार्ड ने बताया कि, यहां आवेदन नहीं लिया जाता है, सभी आवेदन कार्यालय में ही लिया जाता है। जब एक बार फिर वह एसपी कार्यालय पहुंचे तो, गोपनीय का रास्ता बता दिया गया। काफी जद्दोजहद के बाद गोपनीय प्रशाखा ने आवेदन तो ले लिया, परंतु रिसिविंग मांगने पर बाहर का रास्ता दिखा। माले नेता ने यह भी बताया कि अंततः दूसरा आवेदन बनाकर जिलाधिकारी के ओएसडी कार्यालय में देकर, लेटर नंबर लिया गया। उन्होंने कहा कि 1990 से वह गोपनीय प्रशाखा में आवेदन देते रहे हैं, कभी ऐसी परिस्थिति का सामना करना नहीं पड़ा। माले नेता ने एसपी से इस मामले की जांच कर अपने कार्यालय एवं गोपनीय प्रशाखा में, सुगमतापूर्वक पीड़ित का आवेदन लेकर रिसिविंग देने की व्यवस्था करने की मांग की है।








