???? बिग ब्रेकिंग: बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले 25 सुत्री मांगों के समर्थन में विभिन्न विभाग के कर्मचारियों ने निकाला आक्रोशपूर्ण प्रतिरोध मार्च

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अरविन्द कुमार/अमित कुमार:[ समस्तीपुर ] बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले, एनएचएम से जुड़े सैकड़ों कर्मचारियों ने, शुक्रवार 09 अगस्त को महासंघ स्थल से विशाल जुलुस निकाला।

महासंघ स्थल से निकाला गया यह जुलूस शहर के पटेल गोलंबर चौराहा, कचहरी रोड, जिलाधिकारी आवास रोड आदि से होते हुए समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंचकर एक सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान जुलुस में शामिल सभी कर्मचारी, अपने अपने हाथों में अपनी माँगों से संबंधित तख्तियाँ लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी कर रहे थे।

प्रदर्शन के कारण मुसरीघरारी दरभंगा पथ पर समस्तीपुर समाहरणालय के पास कई घंटों तक सड़क भी जाम रहा। प्रतिरोध मार्च के बाद समाहरणालय के मुख्य द्वार पर एक सभा का आयोजन भी किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामनरेश दास ने किया।

आयोजित सभा में मौजूद कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिला मंत्री ने कहा कि, बिहार सरकार के हठधर्मिता के कारण आज एनएचएम कर्मी विगत 18 दिनों से कार्य बहिष्कार पर हैं। जिस स्वास्थ्य उपकेन्द्र पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है, उस केन्द्र पर कर्मचारियों के बैठने तक की व्यवस्था नही है।

इस तरह के किसी भी केन्द्रों पर ना तो पीने के पानी की व्यवस्था है, और ना ही रहने की। वहीं जिले में नवनियुक्त राजस्व कर्मचारी व पंचायत सचिव का विगत कई महिनों से वेतन भुगतान नही किया गया गया। जिसके कारण उनलोगों के आगे भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गयी है।

वक्ताओं ने राजस्व कर्मचारी व पंचायत सचिव का वेतन भुगतान अविलम्ब करने की मांग की है। मौके पर मौजूद महासंघ के वक्ताओं ने स्नातक योग्यताधारी राजस्व कर्मचारी को 4200 ग्रेड पे देने, नवनियुक्त पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी व निम्न वर्गीय लिपिक का ग्रेड पे 2400 रूपए करने आदि की मांग की।

रैली को संबोधित करते हुए पूर्व राज्याध्यक्ष लक्ष्मीकान्त झा ने कहा कि, सरकार कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर समझती है। संविदा पर बहाल कर्मी तथा स्थाई कर्मी एक साथ काम करते है। परन्तु सरकार एक कर्मचारी को 50 हजार और दुसरे कर्मचारी को 15 हजार वेतन का भुगतान करती है, जो सरकार की दोहरी निति को दर्शाता है।

श्री झा ने सभी संविदा कर्मी के सेवा पुस्त को खोलने, इपीएफ कटौती करने, ठेका संविदा पर कार्यरत कर्मी को रिक्त पदों पर समायोजित करने आदि की माँग की।

इस दौरान रैली में चेतनारायण यादव, रामसेवक महतो, महेन्द्र पंडित, रामसेवक चौधरी, विरेन्द्र कुमार सिन्हा, नवलकिशोर राय, विनोद कुँवर, राम कुमार, पंकज कुमार, श्रीनिवास, अवलेश कुमारी, रेखा कुमारी, अनिता कुमारी, रंजना कुमारी, सुधा कुमारी, बिन्दु कुमारी, प्रेमा कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, शशिरंजन, चांदनी कुमारी, सुमन कुमार, दीपक मौर्य, निरंजन कुमार, मिथुन कुमार, अमित कुमार, अभिषेक कुमार, राकेश रौशन, कुमार उत्कर्ष, देवेन्द्र यादव, उषा कुमारी, शैलेन्द्र कुमार, सरिता कुमारी, प्रतिभा कुमारी, कविता कुमारी, पूजा भारती, मिनु कुमारी, रितु कुमारी, चन्द्रकला, रश्मिी कुमारी, रघुवंश प्रसाद यादव, सोनम कुमारी, धमेन्द्र कुमार, रेखा कुमारी आदि मौजूद थीं।

सभा के अंत में जिला प्रशासन के बुलाने पर 07 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल जिला पदाधिकारी से मिलकर, मुख्यमंत्री के नाम 25 सुत्री माँग पत्र सौपा। वही जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष के रूप में, जिलाधिकारी को भी एनएचएम कर्मी से संबंधित  12 सूत्री माँग पत्र सौपा गया। साथ ही जिला स्तर पर लम्बित समस्याओं से संबंधित 08 सुत्री मांग पत्र भी सौंपी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *