अरविन्द कुमार/अमित कुमार:[समस्तीपुर] जिला मुख्यालय स्थित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समस्तीपुर [प्रधानमंत्री पोषण योजना] के समक्ष, शनिवार 10 अगस्त को सैकड़ों की संख्या में मिड डे मील वर्कर्स ने, गगनभेदी नारा लगाते हुए विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया।

आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने बताया कि, वर्तमान भाजपा समर्थित नीतीश सरकार, रसोईया के साथ काफी नाइंसाफी कर रही है। पिछले दिनों पटना में हुए आंदोलन के बाद, सरकार और विभागीय पदाधिकारियों से हुई भेटवार्ता में, रसोईया के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोत्तरी समेत, अन्य मांगों को पूरा करने का का पूर्ण आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक उस आश्वासन पर सरकार का ध्यान तक नही गया है।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि, निदेशक पटना एवं तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने सरकार को सम्मानजनक मानदेय बढ़ोत्तरी समेत, अन्य मांगों को लागू करने से संबंधित प्रस्ताव भी भेजा था। वह प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री स्तर पर लंबित है। मुख्यमंत्री ने भी भाजपा के सहयोग से इस मामले में, मौनधारण कर लिया है।
इस दौरान राज्य कार्यकारी अध्यक्ष मनोज प्रसाद गुप्ता ने बताया कि, यह योजना केन्द्र सरकार की है, लेकिन केंद्र सरकार ने 2024-25 में पेश किए गए बजट में भी, रसोइया के लिए एक रूपया तक नही दिया है। उल्टे केन्द्र की मोदी सरकार इस योजना का नीजीकरण कर, रसोईया को हटाने की साजीश में लगी हुई है।
इस दौरान धरना-प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारी, मिड-डे-मील वर्कर्स (रसोईया) को न्यूनतम 26 हजार रूपये प्रति माह, लगातार 12 महीनों तक वेतन देने, प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में मानदेय का भुगतान करने, मानदेय भुगतान की अनियमितता को दूर करने, विद्यालय में मध्याहन भोजन संबंधी कार्य समाप्ति के बाद, रसोईया को विद्यालय में नही रोकने, विद्यालय में मध्याहन भोजन के अतिरिक्त कोई काम नही कराने आदि की माँग कर रहे थे। इस दौरान मौके पर सैकड़ों की संख्या में मिड-डे-मील वर्कर्स मौजूद रहीं।







