अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(वैनी थाना) बंगरा थाना क्षेत्र के रहीमाबाद ईलाके में, शुक्रवार 30 अगस्त को हथियार के बल पर स्कॉर्पियो सवार दंपत्ति से हुई लूटपाट व मारपीट मामले में नित नए खुलासे हो रहे हैं। सुत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार इस मामले में स्थानीय वैनी थाने की पुलिस की भूमिका भी काफी संदिग्ध बतायी जा रही है।

इस पुरे घटनाक्रम के बारे में विश्वसनीय सुत्रों का बताना है कि, वैनी थानाध्यक्ष को शुक्रवार 30 अगस्त की अहले सुबह करीब 3 बजे यह सुचना मिली कि, स्कॉर्पियो पर लोड विदेशी शराब की एक बड़ी खेप, करीब 4 बजे सुबह में वैनी थाना क्षेत्र से होकर गुजरने वाली है। सुचना मिलते ही वैनी थानाध्यक्ष मोहम्मद शकील, सदल बल उक्त स्थानीय थाना क्षेत्र के एक चौक के पास काले रंग की स्कॉर्पियो का ईंतजार करने लगे।
इसी बीच करीब 4 बजे काले रंग की एक स्कॉर्पियो आती हुई दिखी। जिस गाड़ी को थानाध्यक्ष मोहम्मद शकील के द्वारा जब्त कर थाने ले आया गया। थाने लाकर जब उक्त वाहन की तलाशी ली गयी तो उसमें से शराब अथवा कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नही हुआ। जब उस वाहन के चालक व उसमें बैठे व्यक्ति से थानाध्यक्ष के द्वारा पुछताछ की गयी तो, पता चला कि गाड़ी में बैठा व्यक्ति मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र का रहने वाला, शराब धंधेबाज राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो है, जो समस्तीपुर में रहकर यहां के शराब माफियाओं के साथ मिलकर अवैध शराब का धंधा भी करता है, तथा उसके खिलाफ जिले के मुसरीघरारी थाना में शराब मामले में नामजद प्राथमिकी भी दर्ज है।
इतनी जानकारी मिलने के बाद थानाध्यक्ष मोहम्मद शकील का असली ड्रामा शुरू हो गया, और उसे मुसरीघरारी थाना के हवाले नही किए जाने के एवज में तीन लाख रूप्ये की मांग की जाने लगी। काफी देर तक बातचीत का दौर चलने के बाद मामला डेढ़ लाख रूप्ये में सेट हो गया। जिसके बाद वैनी थाना मे बंद शराब माफिया राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो ने, अपने घर फोन करके अपनी पत्नी को डेढ़ लाख रूपए लेकर वैनी थाना आने के लिए कहा।
जिसके बाद उसकी पत्नी शुक्रवार 30 अगस्त की सुबह करीब सात बजे, डेढ़ लाख रूपए लेकर थाना पहुंची और पैसे थानेदार को देकर, अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में अपने पति तथा ड्राईवर के साथ बैठकर घर जाने के लिए थाना से बाहर निकल गयी। इस बीच शराब माफिया राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो करीब 4 घंटों तक वैनी थानाध्यक्ष के हिरासत में रहा, लेकिन थानाध्यक्ष ने इसकी सुचना ना तो अपने वरीय पदाधिकारी को दिया, और ना मुसरीघरारी थाना को ही इसके बारे में कुछ बताया।
उधर समस्तीपुर का वह शराब माफिया जिसके साथ राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो शराब का धंधा करता था, उसके गुर्गे थाना के आसपास सुबह के 4 बजे से ही छिपकर उसके थाना से बाहर निकलने का ईंतजार कर रहा था। उधर जैसे ही राजीव रंजन उर्फ राकेश अपनी गाड़ी से पत्नी सहित बाहर निकला, स्थानीय शराब माफिया के लोग उसका पीछा करना शुरू कर दिया, और अंततः बंगरा थाना क्षेत्र में विवाद काफी बढ़ गया।
आपको बता दें कि अगर इस घटनाक्रम के दौरान स्थानीय ग्रामीण हिम्मत नही दिखाते, और स्थानीय बंगरा पुलिस अगर ससमय घटनास्थल पर नहीं पहुंचती तो, वैनी थानाध्यक्ष मोहम्मद शकील की एक गलती के कारण एक बड़ा हादसा हो सकता था।
मुजफ्फरपुर निवासी राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो के उपर गुरूवार 29 अगस्त को ताजपुर थाना क्षेत्र के राजधानी चौक के आसपास भी, हथियारबंद शराब माफियाओं ने जानलेवा हमला किया था, उस समय भी वृहत पैमाने पर पैसे का खेल खेला गया था, तथा शराब माफिया घटनास्थल से भाग निकला था।
हालांकि स्थानीय सुत्रों का यह भी बताना है कि, वैनी थाना मामले की जांच पुलिस विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी तथा जिले की डीआईयू टीम ने भी कर लिया है, जिसमें मुसरीघरारी थाना के शराब कांड का मुख्य आरोपी राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो करीब डेढ़ घंटा तक अपनी गाड़ी के साथ वैनी थाना परिसर में रूका हुआ था। जहां राकेश महतो की पत्नी ममता देवी के द्वारा पैसे लेकर थानाध्यक्ष को देने के बाद, उसे थाना से मुक्त कर दिया। यह सारा वाकया थाने पर लगी सीसीटीवी फूटेज में कैद है।
अगर पूलिस विभाग ईमानदारी पुर्वक इस मामले की जांच करती है तो, इस मामले में थानाध्यक्ष पर बहूत जल्द बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है। अगर वैनी थानाध्यक्ष, उजियारपुर थानाध्यक्ष के तरह सीसीटीवी फूटेज डिलीट कर देती है तो पुलिससिया अनुसंधान प्रभावित हो सकता है। हालांकि इस मामले में स्थानीय पुलिस तथा पुलिस विभाग के वरीय पदाधिकारी कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि, वैनी थानाध्यक्ष पर कार्रवाई कब तक होती है।







