अरविन्द कुमार/अमित कुमार:[ वैनी थाना ] पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने वैनी थानाध्यक्ष मोहम्मद शकील को, मुसरीघरारी थाना कांड संख्या 120/24 के कुख्यात शराब धंधेबाज राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो को, थाना पर से छोड़ देने के आरोप में, तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

उक्त जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने, रविवार 1 सितंबर की देर रात को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिया। जिला पुलिस कप्तान के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने बताया है कि, मुसरीघरारी थाना कांड संख्या 120/24 दिनांक 18/08/2024 में वांछित कुख्यात शराब कारोबारी, राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो को थाना से छोड़ देने के आरोप में पुलिस अवर निरीक्षक शकील अहमद थानाध्यक्ष वैनी थाना को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

आपको बता दें कि 30 सितंबर की अहले सुबह करीब 3 बजे, वैनी थानाध्यक्ष शकील अहमद को गुप्त सूचना मिली कि, काले रंग की स्कॉर्पियो से थाना क्षेत्र से शराब की एक बड़ी खेप गुजरने वाली है। सुचना मिलने के बाद वेनी थानाध्यक्ष मोहम्मद शकील अहमद, काले रंग के स्कॉर्पियो का ईंतजार करने लगे।

जहां सुबह करीब 4 बजे थाना क्षेत्र से गुजर रहे काले रंग के स्कॉर्पियो को थानाध्यक्ष ने अपने कब्जे में लेकर थाना लेते चला गया। थाना पर जब गाड़ी की तलाशी ली गयी तो, गाड़ी से कुछ नही मिला, लेकिन पुछताछ के क्रम मे यह जानकारी थानाध्यक्ष को मिली कि, स्कॉर्पियो सवार युवक मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जो मुसरीघरारी थाना के एक शराब कांड का नामजद आरोपित भी है।

जिसके बाद थानाध्यक्ष मोहम्मद शकील अहमद ने इसकी सुचना अपने वरीय पदाधिकारी, तथा मुसरीघरारी थाना को नही देकर अपना सेटिंग करने लगे, और गिरफ्तार शराब धंधेबाज राजीव रंजन उर्फ राकेश महतो को, मुसरीघरारी थाना के हवाले नही किए जाने की एवज में 3 लाख का डिमांड कर दिया।

हालांकि कुछ घंटों की की बातचीत के बाद मामला डेढ़ लाख में सेट हो गया। जिसके बाद वैनी थानाध्यक्ष मोहम्मद शकील अहमद ने, डेढ़ लाख रूपए लेकर उक्त कुख्यात शराब माफिया को थाना पर से ही छोड़ दिया। वैनी थाना से बाहर निकलकर मुजफ्फरपुर जाने के दौरान, उक्त शराब माफिया के साथ बंगरा थाना क्षेत्र में, स्थानीय कर्पूरीग्राम के एक शराब माफिया के द्वारा एक अलग ही घटना घटित कर दी गयी।

जिसके बाद घटनास्थल पर पहुंची बंगरा थाने की पुलिस ने, उक्त मामले में प्राथमिक दर्ज कर, घटनास्थल से दो बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है। आपको बता दें कि, उक्त घटना से संबंधित खबर भी, देश के एकमात्र न्यूज पोर्टल बिहार की आवाज ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
आपको बता दें कि जिला पुलिस अधीक्षक के द्वारा, इस तरह के प्रत्येक मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने के बाद भी, कुछ ऐसे भी थानाध्यक्ष हैं जो अपने इस तरह की कारगुजारियों से बाज नहीं आते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण उजियारपुर थाना है।
जहां रोजाना इस तरह की घटनाएं होती ही रहती है। कुछ दिनों पूर्व भी उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के उपर शराब कांड संख्या-129/24 के नामजद आरोपित को पकड़कर हाजत में बंद कर, अवैध राशि की उगाही कर छोड़ देने का आरोप लगा था।
जिसके बाद थानाध्यक्ष ने आनन-फानन में सीसीटीएनएस की मदद से, घटना तिथि से 06 महीना पूर्व तक का सीसीटीवी फुटेज ही डिलीट करवा दिया था। हालांकि वरीय पदाधिकारी अगर उस सीसीटीवी फुटेज की एफएसएल जांच करवाते तो, यह स्पष्ट हो जाता है कि सीसीटीवी फुटेज डिलीट हुई थी या डिलीट किया गया थ। फिलहाल इस तरह की घटनाओं में वैनी थानाध्यक्ष के निलंबन के बाद पुलिस महकमा में खलबली सी मची हुई है।







