अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(समस्तीपुर) जिले के विभिन्न सोशल मिडिया पर एक ऑडियो क्लिप बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें दो लोग आपस में बात कर रहे हैं। बातचीत करने के लहजे से पता चलता है कि, बातचीत कर रहे दोनों व्यक्तियों में से एक पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ व्यक्ति है, क्योंकि वह सामने वाले व्यक्ति को गाड़ी को थाना पर लेकर चलने के लिए बोलता है।

जबाब में वह गाड़ी चालक बोलता है कि, उसकी सारी सेटिंग उजियारपुर के पुलिस पदाधिकारी संजय सिंह तथा बाड़ा बाबु (थानाध्यक्ष) के साथ डायरेक्ट है। उसे 112 वाले को पैसा नही देना है। जिससे यह भी स्पष्ट हो जाता है कि, संजय सिंह और उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार इस मवेशी तस्कर से होने वाले अवैध वसूली में एक दुसरे के सहयोगी हैं।
वायरल ऑडियो क्लिप में पुलिसकर्मी व मवेशी तस्कर के बीच हो रही बातचीत से इतना स्पष्ट हो जाता है कि, यह वायरल ऑडियो क्लिप उजियारपुर थाना क्षेत्र का है, तथा करीब एक माह पुराना है। वायरल हो रहे इस ऑडियो क्लिप के मुताबिक, मवेशी की तस्करी करने वाले कंटेनर को 112 की पुलिस टीम के द्वारा एनएच 28 पर करीब एक माह पूर्व रोका गया था।
कंटेनर को रोकने के दौरान, कंटेनर चालक पुलिस टीम से कहता है कि उसे 112 वाले पुलिस को पैसा नहीं देना है। उसके गिरोह के एक सदस्य ने पहले ही थाना के दरोगा संजय सिंह से सेंटिंग कर रखी है। इसके बाद 112 की पुलिस टीम उसे कंटेनर को लेकर थाना चलने के लिए बोलता है।
जिस पर इस वह कंटेनर चालक बिलकुल निडर होकर होकर पुलिस कर्मियों से कंटेनर को थाना ले जाने की बात कहने लगता है। इस ऑडियो क्लिप के बारे में पुलिस सुत्रों का तो यहां तक बताना है कि, 112 की पुलिस टीम ने इसकी सूचना उजियारपुर थाने की पुलिस को दिया था, लेकिन उजियारपुर थाने के पुलिस पदाधिकारी ने कंटेनर को छोड़ देने की बात डायल 112 की पुलिस टीम को कही।
हालांकि इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने ही इस बातचीत का ऑडियो अपने फोन में रिकॉर्ड कर लिया, तथा सोशल मिडिया पर वायरल कर दिया। वहीं इस मामले में थानाध्यक्ष उजियारपुर की भूमिका भी संदिग्ध बतायी जा रही है।
हालांकि, वायरल हो रहे इस ऑडियो क्लिप के सत्यता की पुष्टि “NEWS20 BIHAR KI AWAZ” न्यूज पोर्टल नही करता है। वहीं इस संबंध में थानाध्यक्ष मुकेश कुमार का बताना है कि, मामला उनके संज्ञान में नहीं है। कभी कभी थाना क्षेत्र के सातनपुर बेलहट्टा पर मवेशी का कारोबारी अपने पशुओं को लेकर पहुंचते हैं।
हालांकि थानाध्यक्ष के द्वारा यह कहना कि “यह मामला उनके संज्ञान में नही है” संशय उत्पन्न करता है। क्यों कि वायरल ऑडियो में क्लिप कंटेनर चालक यह भी बोलता है कि, “सीधा बाड़ा बाबू (थानाध्यक्ष) का नाम बोलो न” और रिकॉर्डिंग समाप्त हो जाता है।
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि, पुलिस विभाग के वरीय पुलिस पदाधिकारी वायरल हो रहे इस ऑडियो क्लिप से संबंधित पुलिसकर्मी पर क्या कार्रवाई करते हैं। हालांकि यहां यह कहना कदाचित गलत नही होगा कि, जब से उजियारपुर थानाध्यक्ष के रूप में मुकेश कुमार ने कार्यभार संभाला है, इनका कार्यकाल विवादास्पद ही रहा है।







