अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(समस्तीपुर) विद्यालय शब्द का नाम सुनते ही हमारे मन मस्तिष्क में एक ही दृश्य सामने आता है कि, विद्यालय उस मंदिर को कहा जाता है, जहां शिक्षक के रूप में ईश्वर तथा, छात्र के रूप में शिष्य मौजूद रहते हैं, लेकिन जब उसी विद्यालय को विद्या का मंदिर बनाने वाले शिक्षक इस तरह की शर्मनाक हरकत करने लगे, व ऐसे करतूत को अंजाम देने लगे तो उस विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

ताजा मामला नगर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर मुहल्ला में संचालित मोडेल ईंटर विद्यालय की है। जहां जिले के नगर थाना अंतर्गत बहादुरपुर मुहल्ले में संचालित मोडेल ईंटर विद्यालय के दो शिक्षकों ने, एक शर्मनाक हरकत करते हुए विद्यालय के स्टाफ रूम में लगे कैमरा को क्षतिग्रस्त कर दिया, तथा अपने अपने घर चले गए।

उक्त घटना 16 नवम्बर की दोपहर बाद करीब 03:30 बजे की बतायी जा रही है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक को इस घटना की जानकारी उस वक्त हुई, जिस वक्त विद्यालय के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी ने, डिस्प्ले पर उनसे एक कैमरा बंद होने की शिकायत की। जिसके बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने स्टाफ रूम का मुआयना किया तो देखा कि, सीसीटीवी का तार क्लिप से बाहर निकला हुआ है तथा कुछ तार कटकर नीचे गिरा हुआ है।

हालांकि इस तरह की शर्मनाक हरकत करने वाले शिक्षक की सारी करतूत सीसीटीवी में कैद हो गयी। सीसीटीवी फूटेज में साफ तौर पर देखा जा रहा है कि, एक शिक्षक खिड़की व दरवाजा बंद करता है तथा चाकू लाकर देता है, तथा दुसरा शिक्षक एक बार रूम से बाहर जाने के बहाने सीसीटीवी कैमरा में लगे वायर को अपने हाथ से नोचकर नीचे कर देता है, तथा दुसरी बार चाकू से उस वायर को काटकर नीचे गिरा देता है।

हालांकि इस दौरान उस रूम में और भी शिक्षक दिखाई दे रहे हैं, लेकिन एक भी शिक्षक उन दोनों शिक्षक को इस तरह के काम करने से मना तक नही करते हैं। इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ललित रजक का यह भी बताना है कि, इस पुर्व भी विद्यालय के शिक्षकों द्वारा ही विद्यालय के कमरे में लगे करीब एक दर्जन से भी ज्यादा छत पंखा को तोड़ा जा चुका है।
जिसके स्थान पर उन्होंने नया पंखा लगवा दिया था, लेकिन कुछ दिन बाद फिर से उस पंखा को भी तोड़ दिया गया। इसके खिलाफ उन्होंनें विभागीय पदाधिकारी को भी पत्राचार किया है, बावजुद उन शिक्षकों में कोई बदलाव नही दिख रहा है। उल्टे इस तरह का काम करने से मना करने पर, उनके खिलाफ शिक्षा विभाग से संबंधित अलग अलग कार्यालयों को पत्राचार कर दिया जाता है।
प्रभारी प्रधानाध्यापक ललित रजक ने यह भी बताया कि, इस घटना में शामिल शिक्षकों के द्वारा उन्हें जातिसूचक गाली देते हुए, जान से मारने की धमकी तक दे दी जाती है। जिसके कारण वह अपने आपको काफी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसलिए वह इस घटना को अंजाम देने वाले शिक्षकों के विरूद्ध स्थानीय थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराएंगे।








