अरविन्द कुमार/नसीब लाल झा:(ताजपुर) जिले के ताजपुर थाना क्षेत्र में कानून का भय किसी भी असमाजिक तत्त्व के लोगों में नही दिख रहा है। कुछ दिनों के अंतराल पर कोई ना कोई आपराधिक घटनाएं हो ही जाती है, और ताजपुर पुलिस आराम से अपने दैनिक कार्यों में लगी रह जाती है।

जिसका नतीजा है कि ताजपुर थाना क्षेत्र में कभी पुराने जमीनी विवाद में गोलीबारी की घटना हो जाती है, तो कभी थाना से कुछ ही दुरी पर कुछ असमाजिक तत्त्व के लोगों द्वारा, कॉलेज परिसर में लोहे के रॉड से मारकर कॉलेज के बच्चों को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया जाता है।
यही नही! ताजपुर थाना क्षेत्र में कानून का राज कितना कायम है, और गलत काम करने वाले लोगों के अंदर कानून का कितना भय है, उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, अपने स्कूल/कोचिंग की फीस भरने के लिए अपने घर पर रखे भुसा बेचने गयी नाबालिग किशोरी के उपर उसके अपने ही पट्टीदार के बदमाश लड़कों ने, तलवार से हमला कर दिया।
जिसमें उक्त नाबालिग किशोरी गंभीर रूप से जख्मी हो गयी। जिसे स्थानीय लोगों के द्वारा ईलाज के लिए ताजपुर रेफरल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उसे सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर कर दिया गया। घायल नाबालिग किशोरी ताजपुर थाना क्षेत्र के सोंगर गांव की रहने बतायी जा रही है।
सुत्रों का बताना है कि ईलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती उक्त किशोरी को बेहतर ईलाज के लिए डीएमसीएच दरभंगा रेफर कर दिया गया है। घटना रविवार 22 दिसम्बर की अहले सुबह करीब 9 बजे की बतायी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल किशोरी व इस घटना को अंजाम देने वाले लोग आपस में पट्टीदार हैं।
इन दोनों परिवार वालों के बीच विगत कुछ माह पुर्व ही भूमि विवाद में जमकर मारपीट की घटना हो गयी थी। जिसमें दोनों पट्टीदार की ओर से स्थानीय ताजपुर थाना में आवेदन भी दिया गया था। जिस पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए ताजपुर थाना के द्वारा कार्रवाई स्वरूप घायल किशोरी के भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जिसके बाद से घायल किशोरी के परिजन अपने पट्टीदार के डर से सोंगर गांव स्थित अपना पुश्तैनी घर छोड़कर ताजपुर बाजार में किराए का मकान लेकर अपना गुजर बसर कर रही थे, तथा घायल किशोरी के पिता मजदुरी करने दुसरे प्रदेश चले गए थे। जिसके कारण घायल किशोरी व उसके मां के समक्ष आर्थिक तंगी उत्पन्न हो गयी थी।
इधर घायल किशोरी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होना चाहती थी, लेकिन उसके पास पैसे की काफी कमी थी। जिस पर घायल किशोरी की मां ने अपनी बेटी से कहा कि, वह अपने पुश्तैनी घर पर रखे जानवरों के चारा भुसा को बेचकर उससे मिलने वाले पैसे से वह मैट्रिक परीक्षा का फीस जमा कर दे।
जिसके बाद उक्त किशोरी भुसा खरीदने वाले एक व्यक्ति को अपने साथ लेकर पुस्तैनी घर सोंगर गांव पहुंच गयी। जहां उसके पट्टीदार जिसके साथ उसके परिवार वालों का विवाद चल रहा था, करीब आधा दर्जन लोग आए और धारदार हथियार से उक्त किशोरी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
जिसमें उक्त किशोरी गंभीर रूप से जख्मी हो गयी। जिसे हमलावर लोगों ने मरा हुआ समझकर घटनास्थल पर ही छोड़ दिया तथा भाग निकले। बाद में स्थानीय लोगों ने किसी तरह इसकी सुचना घायल किशोरी के परिजनों को दिया।
सुचना मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे उक्त किशोरी के परिजनों ने उक्त किशोरी को मरन्नासन्न स्थिति में ताजपुर रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां घायल किशोरी के चिंताजनक हालत को देखते हुए, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने उसे सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर कर दिया।
इधर सुत्रों का बताना है कि, सदर अस्पताल में भी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने उक्त किशोरी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर ईलाज के लिए डीएमसीएच दरभंगा रेफर कर दिया है।







