सारण। जिले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सूचना व एक निजी एनजीओ की निशानदेही पर, बिहार के सारण जिले की पुलिस ने आर्केस्ट्रा समूहों पर छापेमारी कर आधा दर्जन नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया। मुक्त करायी गयी बच्चियों में तीन बिहार की, जबकि एक-एक लड़की पश्चिम बंगाल, दिल्ली और नेपाल की रहने वाली है। जिसे ट्रैफिकिंग करके यहां लाया गया था।

मुक्त कराई गयी बच्चियों का बताना है कि, आर्केस्ट्रा संचालक न केवल उनके साथ अमानवीय व्यवहार करते थे, बल्कि जबरदस्ती अश्लील गानों पर डांस भी करवाते थे, वहीं मना करने पर उन सभी बच्चियों को प्रताड़ित भी किया जाता था।
इस संबंध में ट्रस्ट के सचिव ऋतुराज ने सरकार और प्रशासन की सक्रियता और सहयोग के लिए तारीफ करते हुए कहा कि, प्रशासन की मदद से ही पुलिस ट्रैफिकर्स और अवैध रूप से नाबालिग बच्चियों से काम कारवाने वाले, आर्केस्ट्रा मालिकों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि, इन आर्केस्ट्रा संचालकों ने अलग-अलग राज्यों में अपने कार्यालय खोल रखे हैं, जहां से उनके दलाल ट्रैफिकिंग के जरिए गरीब व मजबूर परिवार की लड़कियों को शानदार भविष्य का सपना दिखाकर, व झांसा तथा लालच देकर आर्केस्ट्रा में काम करने के लिए अपने जाल में फंसा कर लाते हैं। बाद में उन्हें छोटे कपड़ों में न केवल अश्लील डांस करने के लिए मजबूर किया जाता है, बल्कि उनसे वेश्यावृत्ति भी कराई जाती है।”







