समस्तीपुर। जिले के उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय से सटे भगवानपुर कमला पंचायत के अंडाहा गांव में एक वृद्ध व्यक्ति की मौत हो गयी। सुचना मिलने के बाद जिले के चर्चित समाजसेवी सह उजियारपुर प्रखंड के भगवानपुर कमला गांव निवासी, युवा समाजसेवी भाई राजू साहनी ने अपनी एक बैठक को तत्काल स्थगित करते हुए, मृतक के घर पहुंचे, और पिड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें धैर्य बंधाया।

मृतक के परिजन से बातचीत करने के दौरान उन्हें पता चला कि, पिड़ित परिवार के पास मृतक का दाह-संस्कार करने के लिए भी पैसे नही हैं। जिसके बाद उन्होंने तत्काल पिड़ित परिवार को अपने निजी कोष से मृतक के दाह-संस्कार के लिए मृतक के बेटे को 5 हजार रूपए उपलब्ध करा दिया। जिसके मृतक के परिजन शव को दाह-संस्कार के लिए लेते चले गए।
मृतक की पहचान उजियारपुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर कमला पंचायत स्थित अंडाहा गांव निवासी, स्वर्गीय घुरण सदा के 80 वर्षिय पुत्र मोतीलाल सदा के रूप में की गयी है। इस बाबत पुछे जाने पर वार्ड संख्या 12 के पार्षद अजीत कुमार का बताना है कि, भगवानपुर कमला पंचायत के वार्ड 12 महादलित टोला में एक व्यक्ति की मौत हो गयी है।
जिसकी सुचना उन्होंने स्थानीय मुखिया फिरोजा बेगम को दिया। सुचना देने के घंटों बाद बाद भी जब मुखियाजी नही आए तो, उन्होंने इसकी सुचना स्थानीय समाजसेवी भाई राजू साहनी को दिया। सुचना मिलने के बाद वह तत्काल मृतक के घर पहुंचे और अपने निजि कोष से मृतक के दाह-संस्कार के लिए मृतक के परिजन को पांच हजार रूपए दिए, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में भी वह पिड़ित परिवार व इस टोला के लोगों की मदद करते रहेंगे।
वहीं मृतक के बेटे टुनटुन सदा का बताना है कि, मृतक विगत कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। वहलोग जितना भी कमाते थे। सब ईलाज में खर्च हो जाता। इसके बाद भी उन्हें बचाया नही जा सका, और आज सुबह उनकी मौत हो गयी। जिसकी सुचना उन्होंने अपने पंचायत के मुखिया फिरोजा बेगम को भी दिया लेकिन वह नही आए। बाद में इसकी सुचना गरीबों के मसीहा कहे जाने वाले राजू जी को हुई।
जिसके बाद वह तत्काल उनके घर पर पहुंचे, और उन्हें मृतक के दाह-संस्कार के लिए 5 हजार नकद राशि उपलब्ध कराया है। वहीं जिले के चर्चित युवा समाजसेवी भाई राजू साहनी का बताना है कि, वह भी भगवानपुर कमला गांव के वार्ड 09 के रहने वाले हैं। अभी अभी भगवानपुर कमला पंचायत के वार्ड 12 के वार्ड पार्षद अजीत भाई के द्वारा सुचना मिली कि, उनके वार्ड में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गयी है।
सुचना मिलने के बाद वह अभी तत्काल मौके पर पहुंचे हैं। जहां आकर जानकारी मिली कि मृतक के परिवार को घटना के 2 घंटा बीत जाने के बाद भी, स्थानीय मुखिया के द्वारा कबीर अंत्येष्टि के तहत दाह-संस्कार के लिए मिलने वाली राशि अभी तक उपलब्ध नही करायी गयी है।
आखिर दलित परिवार के साथ ऐसा भेदभाव क्यूं ? इस दौरान उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि, देश आजाद होने के 78 वर्षों बाद भी इस महादलित टोला में टाटी-झोपड़ी का मकान है, जबकि सरकार के आवास योजना का लाभ सबसे पहले इनलोगों को ही मिलना चाहिए था, लेकिन यहां ना तो किसी के पास ढंग का आवास है, और ना ही इस टोला में आवागमन के लिए कोई ढंग का रास्ता ही है।
इससे साफ होता है कि, यहां गरीब को देखने वाला कोई नही है। वह चाहे नेता हो या कोई मंत्री हो! कोई इस तरह के लोगों की खोज-खबर नही लेता है, लेकिन वह अपने स्तर से इस टोला के लोगों के उद्धार के लिए बहुत जल्द कुछ न कुछ जरूर करेंगे। वहीं स्थानीय मुखिया फिरोजा बेगम का बताना है कि, वार्ड 12 के वार्ड सदस्य के द्वारा उन्हें सुचना मिली थी कि, वार्ड 12 में 1 व्यक्ति की मौत हो गयी है।
जिसके बाद वह मृतक के घर जाने के लिए अपने आवास से बाहर निकले ही थे कि, प्रखंड से कुछ कर्मी उनके आवास पर योजनाओं से संबंधित फाईल अपडेट करने आ पहुंचे। जिसके कारण उनके ध्यान से वह बात निकल गयी, लेकिन अभी वह मृतक के परिजन से मुलाकात करने जाएंगे। मौके पर भगवानपुर कमला के सरपंच पति जयराम साहनी, भीम साहनी, श्रीराम साहनी, सुजीत कुमार सहित दर्जनों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।







