बिहार की आवाज। मुसरीघरारी। नसीब लाल झा।
समस्तीपुर। जिले के मुसरीघरारी थाना अंतर्गत गंगापुर भोनू चौक तेलिया पोखर के पास से, सोमवार 21 जुलाई की अहले सुबह करीब 6 बजे, एक नाबालिग किशोर का शव मिलने के बाद ईलाके में सनसनी फैल गयी।

देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर उमड़ पड़े। वहीं शव मिलने की सुचना पर मुसरीघरारी थाने की पुलिस, घटनास्थल पर पहुंच मृत नाबालिग किशोर के शव को अपने कब्जे में लेकर, पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज, मामले की छानबीन में जुट गयी है।
मृत नाबालिग किशोर की पहचान समस्तीपुर नगर निगम वार्ड 31 धुरलख गांव निवासी, मोहम्मद मुस्तकीम के 12 वर्षिय पुत्र मोहम्मद सैफ के रूप में की गयी है। घटना के संबंध में मृतक किशोर के पिता का बताना है कि, वह मजदुरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
कल रविवार 20 जुलाई की शाम जब वह मजदुरी करके घर वापस आए तो, काफी देर तक वह अपने बेटे को घर पर नही देखे। जिसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी से बेटे के बारे में पुछताछ की। पत्नी ने भी बताया की, काफी देर से उनका लड़का घर पर नही है। जिसके बाद उन्होंने अपने बेटे की खोजबीन शुरू कर दी।
अपने परिजनों के साथ सारी रात उसे खोजते रहे, लेकिन उसका कुछ पता नही चला। अंत मे उन्होंने सुबह के 4 बजे से माईकिंग भी कराना शुरू कर दिया। इसी बीच सुबह करीब 6 बजे उन्हें जानकारी मिली की, उनके बेटे की लाश मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के गंगापुर समस्तीपुर पथ पर, भोनू चौक के पास तेलिया पोखर के नजदीक रोड किनारे पड़ा हुआ है।
जब वह लोग घटनास्थल पर पहुंचे, तो देखा कि वह शव उनके ही बेटे मोहम्मद सैफ की है। मृतक के शव को देखकर प्रथम दृष्ट्या ऐसा प्रतीत होता है कि, उसकी हत्या बेरहमी से पीट-पीटकर और गर्दन तोड़कर कर दी गयी है। मृतक के पिता ने आशंका जताया है कि, उनके बेटे की हत्या जमीनी विवाद में कर दी गयी है।
आपको बता दें कि सदर एसडीपीओ 01 के क्षेत्र में, विगत एक सप्ताह में यह दुसरी ऐसी घटना है, जहां मासूम बच्चे की हत्या कर दी गयी है। इससे पुर्व भी ताजपुर थाना क्षेत्र के मोरबा खेदुतर पोखर के पास, एक नाबालिग किशोर की हत्या कर दी गयी थी। हालांकि डीआईयू टीम ने घटना का सफल उद्भेदन करते हुए, घटना में शामिल शख्स को गिरफ्तार भी कर लिया था।
लेकिन सवाल यह उठता है कि, इस तरह के कृत्य को अंजाम देने वाले लोगों के बीच कानून का भय और खाकी का खौफ क्यों नही है ? छोटी -छोटी बातों पर लोग इस तरह की वीभत्स घटना को अंजाम क्यों दे देते हैं ? यह एक गंभीर विषय बनता जा रहा है। क्या संबंधित थानाध्यक्ष अपना काम ईमानदारी पुर्वक नही कर रहे हैं ? यह भी जांच का विषय है।







