समस्तीपुर। जिले के समस्तीपुर बरौनी रेलखंड पर उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित, एकलौता रेलवे स्टेशन उजियारपुर लोकसभा/विधानसभा क्षेत्र होने के बावजूद बदहाल स्थिति का शिकार हो चुका है।

कहने को तो उजियारपुर रेलवे स्टेशन से रोजाना सैकड़ों की संख्या में यात्री ट्रेनें गुजरती है, लेकिन यहां नाम मात्र की मेल एक्सप्रेस ट्रेन व पैसेंजर ट्रन मिलाकर कुल 7 जोड़ी ट्रेनें ही रूकती है। इसके बाबजूद उजियारपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं तक नसीब नहीं हो पा रही हैं।
यही नही! उजियारपुर रेलवे स्टेशन पर रेलकर्मियों की भी भारी कमी है। जिसके कारण उजियारपुर रेलवे स्टेशन गंदगी के अंबार में तब्दील हो चुका है। स्टेशन परिसर सहित स्टेशन तक आने-जाने वाले रास्तों में भी जंगली घास उग आए हैं। जिसके कारण इस जंगल में विषैले जीव जंतुओं ने अपना घर बना लिया है।
कई बार तो डंक बिच्छू ने रेल यात्री को भी डंक मार दिया है। जिसके कारण वह यात्री कई दिनों तक अस्पताल में भी भर्ती रह चुका है। यही नहीं! स्टेशन परिसर में उचित रोशनी की व्यवस्था नही होने के कारण, शाम ढ़लते ही असमाजिक तत्व के लोग स्टेशन परिसर में गांजा-भांग पीने निकल पड़ते हैं। उजियारपुर रेलवे स्टेशन परिसर में चिकित्सा सुविधा का भी घोर अभाव है।
स्थानीय रेलयात्री राजेश्वर महतो व रामश्रेष्ठ साहनी का बताना है कि, उजियारपुर रेलवे स्टेशन का विकास करना, नेताओं के लिए केवल एक चुनावी मुद्दा बनकर रह गया है। लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के दौरान विभिन्न राजनितिक दल के नेताओं द्वारा, उजियारपुर रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की बातें करने लगते हैं, लेकिन धरातल पर आज तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है।
उजियारपुर रेलवे स्टेशन पर मौर्या एक्सप्रेस, अवध आसाम एक्सप्रेस का ठहराव देने तथा टाटा छपरा एक्सप्रेस का नियमित ठहराव देने के वादे पर दो टर्म से सांसद नित्यानंद राय, उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीत रहे हैं, लेकिन आज तक उन्होंने उजियारपुर रेलवे स्टेशन के लिए कुछ नही किया। जिसके कारण उजियारपुर रेलवे स्टेशन की साफ- सफाई व्यवस्था बेहद खराब हो गयी है।
वहीं प्लेटफॉर्म संख्या 2 व 3 पर बना हुआ शौचालय भी इसी बदईंतजामी का शिकार हो चुका है। इस शौचालय के चारों ओर घास-फूस निकल आने के कारण जहरीले सांपों ने अपना डेरा जमा लिया है। जिसके कारण यात्री खुले में शौच करने को मजबुर हैं। प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर पैदल पुल के नीचे हमेशा पुरूष व महिलाएं शौच करने के लिए आते जाते रहते हैं। यही नही!
उजियारपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए पर्याप्त मात्रा में कुर्सी, पंखा व यात्री शेड तक उपलब्ध नहीं हैं। बची-खुची कसर स्टेशन के बाहर ई रिक्शा व ऑटो वाले पुरी कर देते हैं। स्टेशन के बाहर ई-रिक्शा और ऑटो का इतना अधिक अतिक्रमण रहता है कि, स्टेशन आने वाले यात्रियों को ट्रेन तक पहुंचने के लिए काफी जद्दोजहद करना पड़ जाता है।







