अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: रिलायन्स ज्वेलर्स डकैती कांड का, एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी, जिला की तेज तर्रार पुलिस टीम इस डकैती की घटना का खुलासा कर पाने में पुरी तरह नाकाम साबित हो रही है। जिला पुलिस के द्वारा इस भीषण डकैती में संलिप्त अपराधियों को पकड़ पाना तो दूर की बात है, अभी तक शायद उन्होंने यह भी पता नही लगाया है कि, इस घटना को जिले के अपराधियों ने अंजाम दिया था, या बाहर के किसी आपराधिक गिरोह ने, स्थानीय अपराधियों की मिलीभगत से इस घटना को अंजाम दिया है ?

हालांकि पुलिसिया सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, घटना के उद्भेदन में शामिल पुलिस टीम और एसटीएफ ने मिलकर, अभी तक करीब 100 से अधिक जगहों पर छापामारी किया है, तथा इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से कई दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर, पुछताछ भी किया है, बावजूद पुलिस के हाथ अभी तक खाली है। पुलिस सूत्रों को घटना में संलिप्त अपराधियों की देर-सवेर गिरफ्तारी का भरोसा तो है, लेकिन उन्हें लूट के सोने की बरामदगी की सम्भावना भी काफी कम दिख रही है, क्योंकि घटना के काफी दिन गुजर जाने के बाद, लूट के सोने को अपराधियों के द्वारा खपा देने की भी अधिक संभावना बनी रहती है, क्योंकि विगत वर्ष हीरा ज्वेलर्स में हुई करोड़ों की डकैती मामले का भी पुलिस ने उद्भेदन तो कर दिया था, लेकिन बरामदगी बहूत ही कम हो पायी थी। हालांकि जिला पुलिस टीम अब दुसरे राज्यों में सोना लूट के घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाशों से पूछताछ के बाद, अब छोटे-मोटे सोना लूट की घटनाओं में शामिल गिरोहों पर अपना ध्यान केंद्रित कर चुकी है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस जिले के दलसिंहसराय, विभूतिपुर, उजियारपुर, बंगरा, ताजपुर, पटोरी आदि जगहों के अपराधियों के सहारे गिरोह तक पहुंचना चाहती है। वैसे भी पुलिसिया कार्यशैली से तो ऐसा ही लग रहा है कि, पुलिस यहां भी अंधेरे में ही तीर चला रही है। हालांकि आज पुलिस सुत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, यह चर्चा है कि रिलायंस ज्वेलर्स डकैती कांड के अपराधी गिरफ्तार हो चुके हैं, और आने वाले 24-48 घंटों में घटना के खुलासे से संबंधित प्रेस वार्ता भी की जा सकती है। हालांकि इस मामले मे भी हीरा ज्वेलर्स की तरह लूटी गयी सोना व चांदी की बरामदगी ना के बराबर ही रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।







