अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(समस्तीपुर) एक तरफ जहां संपूर्ण देश में स्वच्छता अभियान को लेकर स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है, अपने आसपास अपने घर ऑफिस दुकान के आसपास के कचरा को हटाने व कचरा जमा ना हो इसका अभियान चलाया जा रहा है, तो दुसरी तरफ समस्तीपुर जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न मुहल्लों में दिन रात कचरा का अंबार लगा रहता है, लेकिन नगर निगम के पदाधिकारियों का इस ओर ध्यान तक नही जाता है।

जिस सड़क अथवा जिस मुहल्ले में विभागीय आदेशानुसार स्वच्छता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, उसका रूट मैप तैयार करके उन सड़कों तथा मुहल्लों के कचरों को साफ कर दिया जाता है, लेकिन उसी मुहल्ले से सटे किसी अन्य मुहल्ले में कचरा का अंबार लगा रहता है। ताजा मामला जिला मुख्यालय के काशीपुर मुहल्ला, ठाकुरबाड़ी गली तथा विधि कॉलेज समस्तीपुर के पास पटेल मैदान के पीछे वाली सड़क का है।

आपको बता दें कि नगर निगम आयुक्त केडी प्रज्जवल द्वारा स्वच्छता अभियान को लेकर 19 सितम्बर को नगर निगम कार्यालय से डीआरएम चौक, कर्पूरी सभागार रोड तथा 12 पत्थर रोड होते हुए पटेल गोलंबर तक स्कूली बच्चों तथा स्काउट गाईड के बच्चों द्वारा प्रभातफेरी निकाली गयी थी।

जहां पटेल गोलंबर के पास नगर आयुक्त केडी प्रज्जवल के द्वारा इस स्वच्छता अभियान पर बड़े बड़े भाषण दिए गए, लेकिन पटेल गोलंबर से 100 मीटर की दुरी पर स्थित विधि महाविद्यालय के पास कचरा का अंबार लगा हुआ था। यही नहीं जिला परिषद कार्यालय स्थित चौराहा के पास, झाजी होटल से दाहिनी तरफ ठाकुरबाड़ी गली में एक निजि शिक्षण संस्थान के पास, काशीपुर चौराहा के पास, आरएसबी ईंटर महाविद्यालय वाली सड़क पर भी दिन के 11 बजे तक कचरा का अंबार लगा हुआ था।

जिससे स्पष्ट होता है कि स्वच्छता पखवाड़ा के नाम पर चलाए जा रहे इस अभियान का, सड़क किनारे पसरी गंदगी, इस स्वच्छता अभियान का मजाक उड़ा रही है। जबकि इस स्वच्छता अभियान के नाम पर लाखों करोड़ों रूप्ये के कागजों पर खर्च कर दिए जाएंगे। जबकि इन जगहों को देखने से ऐसा लगता है कि, लंबे समय से यहां से कचरा नहीं हटाया गया है।

जबकि यह गंदगी सीधे-सीधे संक्रामक बीमारियों को न्योता भी दे रही है, और फैला भी रही हैं। चूंकि जहां यह कचरा जमा है, वहां आसपास घनी बस्ती है, और दोनों ओर मंदिर भी है, इसलिए लोग इसकी चपेट में आकर बीमार भी पड़ सकते हैं। आस-पास रहने वाले लोगों की मानें तो नगर आयुक्त को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं जा रहा है।
किसी जगह पर ढंग का एक डस्टबिन तक दिखाई नही दे रहा है। अगर डस्टबिन को छोड़ भी दिया जाए, और समय-समय पर कचरा का उठाव कर ली जाए तो लोग इस गंदगी और इससे उठने वाली बदबू से निजात पा सकते हैं, यही नहीं स्थानीय लोगों के द्वारा बार-बार मांग करने के बावजूद नगर निगम के द्वारा यहां पर डस्टबिन नहीं लगाया जा रहा है, और न ही इस कचरे की सही निस्तारण की ही व्यवस्था की जा रही है।
जिसके कारण इस रास्ते से होकर गुजरने वाले राहगीर अपने नाक पर रुमाल रखकर यहां से गुजरने के लिए मजबूर होते हैं। इसलिए नगर आयुक्त स्वच्छता पखवाड़ा के नाम पर खानापूर्ति ना करके कचरा निस्तारण का उचित प्रबंध करें, ताकि शहर के सभी प्रमुख मार्गों तथा गली मुहल्ले के सड़कों को स्वच्छ व सुंदर रखा जा सके।







